स्पीक एशिया: अति उत्साही होना आपके खुद के लिए घातक हो सकता है




महामान्य सुप्रीम कोर्ट ने पुरे स्पीक एशिया केस को एक डिसप्युटिंग केस मानते हुए श्री आर.सी.लाहोटीजी को सौहार्द पूर्ण मद्ध्यस्तता करने का आग्रह किया है जिसमे पेनालिस्टों के एक्सिट एवं ड्यू पेमेंट्स को प्राथमिकता दिया गया है साथ ही चूँकि कम्पनी आगे भी भारत में अपना कारोबार करना चाहती है सो उपयुक्त गाइड लाइंस भी तय करने का जिम्मेदारी भी दी गयी.
श्री लाहोटीजी ने अपना जिम्मेदारी को बखूबी निभाते हुए 19 दिसंबर को उक्त मीटिंग पूरा किये और पिछले 3 जनवरी को महामान्य सुप्रीम कोर्ट में अपना रिपोर्ट दाखिल भी कर दिए जिसपर अगले कल 9 जनवरी को सुनवाई है ,जिससे काफी उम्मीदें है.........और निश्चित रूप से जीत हमारे होंगे ...पर जब तक अंतिम निर्णय नहीं आ जाता तबतक अति उत्साही होना आपके खुद के लिए घातक हो सकता है जैसे अत्मबिश्वास होना अच्छा है पर अति अत्मबिश्वास होना ठीक नहीं हाँ एक बात जो 100 फीसदी सही है कि स्पीक एशिया के घर देर जरूर है पर अंधेर नहीं बाकियों के तरह |

जय  स्पीक एशियन 
जय स्पीक एशिया

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